अखिलेश यादव तो खुले मंच से इस बात को दुख जाहिर कर चुके हैं. मुलायम सिंह यादव के ठाकुरों के साथ राजनीतिक समीकरण बहुत अच्चे नहीं रहे..लेकिन घर का समीकरण उल्टा है और यहां इन तीन ठाकुर बहुओं का दबदबा है...घऱ के बाहर कुछ भी हो लेकिन घर के अंदर सिर्फ इन ठाकुर लड़कियों की चलती है...और घऱ के बाहर भी राजनीतिक में पूरी तरह से ये पूरी अपनी ताकत दिखाती है...
मुलायम सिंह की बड़ी बहू डिंपल यादव को तो आप जानते ही होंगे...डिंपल यादव से उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को प्यार हुआ था...डिंपल यादव अभी की तरह हमेशा हसींन औऱ खुबसूरत दिखती थी..इसी खूबसूरती पर अखिलेश डिंपल अपना दिल हार बैठे थे.
मुलामय सिंह ठाकुर बहु को घर नहीं लाना चाहते थे लेकिन...अंत में मुलायम सिंह यादव को हार मानती पड़ी और डिंपल और अखिलेश यादव की 1999 में हो गई....डिंपल यादव उत्तराखंड की रहने वाली है...और रिटायर्ड कर्नल RS रावत की बेटी हैं..उत्तराखंड में रावत क्षत्रिय यानि ठाकुर होते हैं..
मुलायम सिंह यादव की दूसरी बहू का नाम अपर्णा यादव है...अपर्णा मुलायम सिंह के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं....और वरिष्ठ पत्रकार अरविंद सिंह बिष्ट की बेटी है..अपर्णा ठाकुर खानदान से ताल्लुख रखती है...और अपनी खूबसूरती के आगे कई हिरोइनों को भी पीछे छोड़ देती हैं...अखिलेश यादव अपर्णा और अपने छोटे भाई प्रतीक से दूरिया बनाकर रखते हैं.
हांलाकि,,ये ठाकुर बहुएं कभी कभी एक दूसरे के साथ नजर आ जाती है...यहां तक की डिंपल यादव ने 2017 अपर्णा यादव के लिए लोगों के बीच पहुंचकर वोट भी मांगे थे. अपर्णा यादव ने हमेशा खुलेमन से जिंदगी जी है...भले ही अखिलेश और यादव खानदान की आंखों में वो किरकरी बनती रही हो...
अब मिलिए...मुलायम सिंह यादव की सबसे छोटी बहू से...नाम है राजलक्ष्मी...राजलक्ष्मी जितना दिखने में हसीन हैं उनता ही कातिलाना अदाएं हैं. राजलक्ष्मी राजशाही परिवार की राजकुमारी है... राजलक्ष्मी के पिता संजय सिंह भी राजपूत घराने से हैं. राजलक्ष्मी की माता शारदा कुंवर सिंह राजपूताना मैहर स्टेट की राजकुमारी रही हैं.
राजलक्ष्मी की खूबसूरती के आगे आदित्य यादव अपना दिल हार बैठे. और इस तरह से एक और ठाकुर लड़की मुलायम सिंह यादव की बहू बन गई....डिंपल यादव और अपर्णा यादव राजनीति में सीधा दखल करती है...वहीं राजलक्ष्मी अभी राजनीति से दूर है.
लेकिन बिडंबना देखिए...मुलायम और शिवपाल यादव ने मिलकर समाज वादी पार्टी को खड़ा किया...लेकिन इन तीन ठाकुर बहुओं के आने के बाद ये मुलायम सिंह का कुनबा ढह गया...सपा में दो फाड़ हो गई...सपा के सबकुछ अखिलेश यादव बन गए और शिवपाल यादव ने अपनी खुद की अलग पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी बना ली.
यानि की अब इन तीनों ठाकुर बहुओं के रास्ते अलग अलग हो गए हैं...डिंपल यादव जहां अखिलेश यादव के साथ खुली राजनीति में उतर चुकी हैं...वहीं अपर्णा सपा से चुनाव लड़ चुकी है लेकिन..अब समय समय पर उनका भाजपा प्रेम भी दिखता रहता है...जिसकी वजह से अटकलें हैं कि आने वाले वक्त में हो सकता है अपर्णा भाजाप में शामिल हो जाए...
इधर, राजलक्ष्मी के पति आदित्य यादव प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के महासचिव और और राजनीति में पूरी तरह से संक्रिय है...ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं की जल्द ही मुलायम सिंह की सबसे छोटी बहू राजल्मी भी चुनावी मैदान में उतर सकती हैं. मुलायम सिंह पर कई बार जातिवाद और यादवों का भला करने का आरोप लगता रहा है...लेकिन ये भी सच है कि अगर मुलायम सिंह यादव इतना ज्यादा जातिवादी होते तो घर की तीन बहुएं ठाकुर नहीं होती.
मुलायम सिंह यादव अवसरवादी भले रहे हो लेकिन अगर जातिवादी होते तो अपनी बहुएं शायद ठाकुर खानदान से नहीं लाते.....इस खबर को लेकर आपकी क्या प्रतिक्रिया है..या फिर आप कोई सुझाव देना चाहते हैं तो अपनी प्रतिक्रिया कॉमेंट बाक्स में जरूर दें.
