27 जनवरी 2007 एक युवक की ह्त्या के बाद सयैद मुराद अली शाह की मजार पर हिन्दू युवा वाहनी के कार्यकर्ताओं ने आग लगा दी,जिसके बाद गोरखपुर में हालत इस कदर बिगड़ गए। की प्रशाशन को कर्फ्यू लगना पड़ा. ..... प्रशाशन के लाख मना करने के बाद भी योगी आदित्य नाथ उस जगह पहुंच गए जहाँ दंगा हुआ था और भड़काऊ भाषण दिया।
28 जनवरी 2007 को योगी को गिरफ्तार कर लिया गया ... उसके दो दिन बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलयाम सिंह ने योगी को गिरफ्तार करने वाले डीएम और एसपी को सस्पेंड कर दिया. तब योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सांसद थे, और महंत भी , इसी घटना का जिक्र करते हुए योगी आदित्य नाथ संसद में रो पड़े थे। .......
पौढ़ी गढ़वाल का एक छोटा सा गाँव है,पंचूर, पंचूर पहाड़ों और जंगलो का इलाका है, इसी इलाके में आंनद सिंह बिस्ट नाम के एक फारेस्ट रेंजर के घर जन्म हुआ अजय सिंह बिस्ट,यानी योगी आदित्यनाथ का. योगी आदित्य नाथ कुल सात भाई बहानों में पांचवे नंबर के है। ...... शुरवाती पढ़ई लिखाई स्थानीय स्कूल में ही हुई, हाई स्कूल पास करते ही योगी आदित्यनाथ आगे की पढ़ई के लिए ऋषिकेश चले गए
चुनावी समीकरण बनाने में माहिर योगी आदित्यनाथ के बारे में, कम ही लोग जानते है की उन्होंने मैंथमेटिक्स में ग्रेजूएशन किया है....ग्रेजूएशन के दौरान ही उनका जुड़ाव एबीबीपी से हुआ, और 1993 में गुरू गोरखनाथ पर रिसर्च करने गोरखपुर आ गए. यही उनकी मुलाक़ात महंत अवैध नाथ से हुई, अवैध नाथ भी उत्तराखंड के रहने वाले थे, साथ ही योगी के गाँव के निवासी और योगी के परिचित थे.
अजय सिंह बिस्ट गोरखपुर तो आ गया लेकिन फिर पहाड़ो पर नहीं लौटा, और योगी आदित्य नाथ बनकर हमेशा के लिए गोरखपुर के हो गए। .......
22 साल के उम्र में सांसारिक जीवन का त्याग करने वाले योगी आदित्यनाथ को महंत अवैद्य नाथ ने 1994 में अपना उत्तराधिकारी घोसित कर दिया. 1998 में मजह 26 साल की उम्र में योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सांसद बनचुके थे. योगी आदित्यनाथ गोरखपर से पांच बार सांसद रह चुके है....
योगी आदित्यनाथ के सांसद बनने कि भी एक दिलचस्प कहानी है। दरसल गोरखपर से संचालित इंटर कॉलेज के कुछ छात्र एक दूकान में कपड़ा खरीदनें गए और उनका दुकानदार से झगड़ा हो गया.. दुकानदार पर हमला हुआ तो उसने रिवाल्वर निकल ली, इसके दो दिन बाद दुकानदार के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर छात्रों ने योगी की अगवाई में उग्र प्रदर्शन किया और एस एस पी आवास की दीवार पर चढ़ गए ,तब तक उन्हें गोरखनाथ मंदिर का उत्तराधिकारी घोषित कर दिया गया था। ... यूपी की शियाशत में ये योगी की धामकेदार एंट्री थी।
साल 2008 में योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ में जानलेवा हमला हुआ , हमला इतना जोरदार था की 100 से ज्यादा गाड़ियों को उपद्रियो ने घेर लिया, जैसे तैसे योगी वहां से बचकर निकले थे. ये घटना शुरवाती दिनों की थी. उन दिनों यूपी में सरकार किसी की भी हो , गोरखपुर में योगी की ही सरकार होती थी
यह वही दौर था, जब गोरखपुर की राजनीति पर दो बाहुबली नेता... हरिशंकर तिवारी और वीरेंद्र प्रताप शाही की पकड़ कमज़ोर हो रही थी...युवाओं ख़ासकर गोरखपुर विश्वविद्यालय के सवर्ण छात्र नेता इस 'एंग्री यंग मैन' के साथ जुड़ते गए..
जिस उम्र में लोग परिवार बनाते है परिवार से नजदीकियाँ बढ़ाते है उस उम्र योगी ने सांसारिक जीवन से संन्यास ले लिया कई लोगों का मानना है की आने वाले वक्त में योगी प्रधानमंत्री बन सकते है योगी आदित्यनाथ नाथ बीजेपी का एक बड़ा चेहरा हैं. पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के बाद पार्टी के सबसे कद्दावर हैं.
उत्तर प्रदेश का आगामी विधान सभा चुनाव योगी आदित्यनाथ के लिए बेहद अहम् है इस चुनाव के बाद अगर वो दुसरी बार मुख्यमंत्री बनते है तो आगे देश का प्रधानमंत्री बनाना उनके लिए मुश्किल बिकुल नहीं होगा
