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‘चिलम मिलने तक कराऊंगा बाबा के घर की जांच..’, जब अखिलेश ने योगी पर साधा था निशाना

Tuesday, June 15, 2021 | Tuesday, June 15, 2021 WIB

अखिलेश यादव 2017 तक यूपी के मुख्यमंत्री रहे लेकिन जब प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो अखिलेश ने टोटी पॉलिटिक्स का शिकार हो गए. दो साल तक इस जहर को अखिलेश यादव घुटते रहे और फिर जब पलटवार का ट्रेलर दिया तो फिर चर्चा में आ गए. खुले मंच में अखिलेश ने सभा मैं मौजूद जनता को साक्षी मानकर एक सपथ ले लगी. कहा, मुख्यमंत्री हम बने तो बाबा के घर की तब तक जांच कराएंगे जब तक उन्हें चिलम नहीं मिल जाती. आज की कहानी में हम आपको यह भी बाताएंगी की आखिर अखिलेश यादव योगी के घर गंगाजल का टैंकर लेकर कब और क्यों जाने वाले हैं. 


2017 में लखनऊ के चार विक्रमादित्य मार्ग पर स्थित यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के पुराने सरकारी बंगले के भीतर की जब तस्वीर सामने आई तो हर कोई हैरान था. तस्वीरों में फर्श की टाइलें उखड़ी हुई थीँ. दीवार और कमरों में तोड़फोड़ के निशान थे. इन तस्वीरों के सामने आने के बाद बीजेपी ने आरोप लगाया था कि अखिलेश ने अपनी विलासितापूर्ण जिंदगी के सबूत छिपाने के लिए ये सब किया है. भाजपा नेताओं ने यह बताया कि जब  अखिलेश ने सरकारी घर खाली किया तो पूरे घर को तहस नहस कर दिया. पूरे घर में तोड़फोड़ की यहां तक की नलों की टोटियां भी खोल ले गए.

                                                                                                                                                                       इन तस्वीरों के आने के बाद अखिलेश यादव की खूब किरकिरी हुई और फिर वो खुद सामने आकर भाजपा के इन आरोपी को गलत बताया. मामला भले ही शांत हो गया था लेकिन भाजपा के इन आरोपों से अखलेश यादव आहत थे. दिल में दर्द था और गुस्सा और चुभन भी...यही वजह थी कि ये गुस्सा 2019 लोकसभा चुनाव के दौरान फूट पड़ा. 2017 में कांग्रेस के साथ गठबंठन करके सपा को भारी नुकसान हुआ था. 2019 में सपा और बसपा का गठबंधन कर अखिलेश यूपी में प्रधानमंत्री मोदी को हराने का सपना देख रहे थे.


2019 में अखिलेश यादव एक सभा को संबोधित करने पहुंचे थे. सीएम योगी और पीएम मोदी पर आरोपों के तीर चुभा रहे थे. इसी बीच उनका वो जख्म भी हरा हो गया जब भाजपा ने अखिलेश यादव को टोटी चोर का तमगा दिया. यही वो वक्त था जब सपाइयों का नया सुल्लान और समाजवाद के सिपाही अखिलेश यादव ने एक प्रतिज्ञा ली..आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए अखिलेश ने कहा- बाबा मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमने घर से टोंटी निकाल ली... जब अगली बार मुख्यमंत्री बनूंगा तो वही अधिकारी तुम्हारे घर जाएंगे और तब तक खोजेंगे जब तक चिलम ना मिल जाए.



अखिलेश यादव नहीं नहीं रूके, आगे उन्होंने काह कि..जब में सरकारी घर को छोड़कर निकला था जो योगी आदित्यनाथ ने घर को गंगा जल से धुलावाया था. जब मैं मुख्यमंत्री बनूंगा तो आदित्यनाथ के घर छोड़ने के बाद टैंकर से गंगाचल छिड़कवाउंगा. 2019 के चुनाव में भी सपा ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया लेकिन बुआ भतीजे की जोड़ी बनाकर 2014 में एक ही सीट नहीं जीतने वाली बीएसपी ने अपना स्कोर 10 अंक का खड़ा कर दिया.

 

योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि अखिलेश उनसे उम्र में सिर्फ एक साल छोटे हैं...लेकिन 2017 में सीएम की कुर्सी छोड़न के बाद योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव में कई बार जुबानी जंग हुई. 2022 विधानसभा चुनाव की हलचल तेज हो चुकी है. इस सियासी जंग में अखिलेश और योगी में जो जितेगा वहीं सिकंदर कहलाएगा..

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