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17 साल की डिंपल पर दिल हार बैठे थे अखिलेश यादव, फिल्मी है दोनों के प्यार की कहानी

Friday, May 14, 2021 | Friday, May 14, 2021 WIB

अखिलेश यादव और डिंपल यादव की लव स्टोरी किसी फिल्मी प्रेम कहानी से बिल्कुल भी कम नहीं है. रावत परिवार में जन्मी डिंपल तब सिर्फ  17   साल की थी जब अखिलेश उन पर अपना दिल हार बैठे. लेकिन इतना भी आसान नहीं था कि अखिलेश यादव डिंपल को अपनी पत्नी बनाकर अपने घर ले आते...क्योंकि मुलायम सिंह यादव अखिलेश यादव की शादी लालू यादव की की बेटी मीसा भारती से करना चाहते थे. फिर कैसे अखिलेश की यह प्रेम कहानी शादी में बदली चलिए आपको बताते हैं.



साल 1994, मुलायम सिंह यादव तब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे. उत्तर प्रदेश से काटकर उत्तराखंड राज्य बनाए जाने की मांग को लेकर प्रदेश में हिंसा और आंदोलन हो रहे थे. इस दौरान अखिलेश यादव सिर्फ 21 साल के थे. अखिलेश यादव लखनऊ में थे. एक शाम वो अपने दोस्त के बर्थडे में शामिल होने के लिए उसके घर पहुंचे.
 

पार्टी चल रही थी सब लोग इधर  उधर घूम रहे थे. तभी अखिलेश यादव की नजर एक पतली से लडकी पर पड़ी. यह लडकी कोई और नहीं बल्कि 17 साल की डिंपल यादव ही थी. डिंपल तब स्कूल की पढ़ाई कर रही थी. पार्टी में देखते ही अखिलेश उनके दिवाने हो गए. पूरी पार्टी के दौरान अखिलेश की नजर डिंपल यादव को खोजती रही.




अखिलेश यादव डिंपल से बात करना चाहते थे लेकिन हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे जिसके बाद वो जिस दोस्त की पार्टी में अखिलेश यादव गए थे उससे पूरी बात बताई. तो पता चला कि डिंपल यादव लेप्टनेंट कर्नल एससी रावत की बेटी हैं. इसके बाद कांमन दोस्त ने अखिलेश और डिंपल यादव की पहली डेट फिक्स की. और दोनों के बीच मिलना जुलना और बातचीत शुरू हो गई.


हालांकि दोनों तब एक दूसरे के साथ कभी नहीं रहे लेकिन डिस्टेंस रिलेशनशिप के दौरान दोनों ने एक-दूसरे को चार सालों तक डेट कियाअखिलेश यादव की किताब बदलाव की लहर में बताया गया है कि, अखिलेश यादव जब अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए सिडनी गए थे. इस दौरान भी दोनों एक दूसरे को खत और लेटर लिखते रहे.


अखिलेश यादव जब 1998 में वापस घर लौटे तो वो 25 साल के हो चुके थे और डिंपल अब 21 साल की हो गई थी. दोनों एक दूसरे से पहले से भी ज्यादा प्यार करने लगे थे. दोनों ने शादी करने का फैसला लिया. रावत परिवार तो डिंपल की शादी अखिलेश से करने के लिए तैयार हो गया लेकिन मुलायम सिंह यादव अपने ही बेटे के प्यार के बीच दीवार बनकर खड़े हो गए.



इसकी दो वजहें बताई जाती है कि मुलायम सिंह यादव क्यों डिंपल को अपने घर की बहू नहीं बनाना चाहते थे. दरअसल, इस दौरान उत्तराखंड को अलग राज्य बनाए जाने की मांग को लेकर हिंसा चरम पर थी. इस हिंसा में उत्तराखंड के कई आंदोलनकिरयों की मौत हुई थी.
 

उत्तराखंड के लोगों के अंदर मुलायम यादव को लेकर गुस्सा था. ऐसे में मुलायम सिंह यादव को लग रहा  था कि अगर उत्तराखंड की रहने वाली डिंपल से अखिलेश की शादी होती है तो फिर इससे कहीं हिंसा जैसे हालात ना बन जाए. वहीं ऐसा भी माना जाता है कि मुलायम सिंह अखिलेश यादव की शादी लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती से करवाना चाहते थे.

 

कुछ भी हो लेकिन पिता की बगावन के बाद भी अखिलेश यादव ने अपने प्यार का हाथ नहीं छ़ोडा. अपनी दादी से सिफारिश की दादी ने मुलायम सिंह से बात की. अंत में मुलायम सिंह यादव को डिंपल यादव और अखिलेश के प्यार के आगे झुकना पड़ा.


 आखिरकार अखिलेश की मेहनत रंग लाई और तमाम गतिरोधों के बावजूद  24 नवंबर, 1999 को डिंपल और अखिलेश की शादी हो गई और मुलायम सिंह यादव ने बहू डिंपल को आशिर्वाद दियाआज अखिलेश और डिंपल को एक आदर्श कपल माना जाता है.

 

दोनों के दो बेटी और एक बेटा है. बेटियों का नाम अदिति और टीना हैजबकि बेटे का नाम अर्जुन हैअखिलेश यादव 2012 से 2017 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तरह चुके हैं. 2017 में अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए अखिलेश और डिंपल ने जितोड़ मेहनत की थी. फिलहाल दोनों 2022 के लिए पार्टी को मजबूत करने में लगे हुए हैं.

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