फ़तेहपुर । बिटिया के जन्म के बाद ही माँ बाप के माथे मे चिंता की लकीर खिच ही जाती है और अगर माँ गरीब हो पिता ने इस दुनिया को पहले ही अलबिदा कह दिया हो तो इन्हे समाज पहले ही मार देता है लेकिन अगर ऐसे मे मदद के हाथ मिल जाये तो चेहरे मे जो खुसी होती है ओ शायद ही और किसी से मिलेगी।
उस दिन भी बाकी दिनो की तरह डीएम संजीव सिंह ग्रामीणो की समस्या सुन रहे थे तभी वहाँ अपनी लड़खड़ाती आवाज में रामदुलरी पहुची डीएम संजीव सिंह से गरीबी के हालात को बया किया, राम दुलारी ने ने बतया की उसके पास 10 विस्वा जमीन है जिसे वह बेचना चाहती है डीएम साहब ने वजह जानी तो जो राम दुलारी ने बतया उसे सुन डीएम संजीव सिंह की अंखे भर आई उसने कहा की साहब घर मे बिटिया की शादी है पति पहले ही इस दुनिया से जा चुके है और घर मे इतने पैसे नहीं की प्रियंका के हाथ पीले किए जा सके।
डीएम ने रामदुलरी से मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के बारे में भी पूछा लेकिन रामदुलारी को इसकी जांकरी नहीं थी यह सब कुछ सामने आने के बाद डीएम ने महिला का साथ देने का भरोसा दिया था। यही भरोसा आज हकीकत में तब्दील हो गया। सुबह हुई तो राम दुलारी के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी होने लगीं लेकिन जैसे जैसे सूरज चढ़ा वह लकीरें खत्म होती गईं। अब चेहरे मे खुशी थी । डीएम संजीव सिंह नें बिटिया को गृहस्थी का सारा उपयोगी सामान बेड, सोफा, आलमारी, कुर्सी, रजाई-गद्दा, टंकी, पांच बर्तन के साथ 20 हजार रुपए नकद भेजे दिया । इतना ही नहीं स्थानीय पुलिसभी इस मामले मे पीछे नहीं रहा राम दुलारी के दरवाजे और जनवासे की साज सज्जा की जीमेदारी ली और उसे निभया भी । गांव वाले बड़ी सिद्दत से प्रियंका को अपनी बिटिया जैसा प्यार न्यौछार करते नजर आए। जैसे जैसे शाम ढलती गई वैसे वैसे खुशियों को पंख लगते गए।

