ये बात उन दिनों की है जब देवरिया के रहने वाले डॉ. संजय दुबे की दो बेटियों में से एक अपूर्वा ने केंद्रीय
विद्यालय नई दिल्ली से इंटर की परीक्षा बेहद ही अच्छे नंबरो से पास की ,तब शायद ही किसी ने नहीं सोचा था। की आगे चलकर ये लड़की एक आईएएस बनेगी और अपना सारा जीवन गरीबों के लिए समर्पित कर देंगी अपूर्वा दुबे Ms. Apurva Dubey जी का जन्म 23 सितम्बर उन्नीस सौ अट्ठासी को लखनऊ में हुआ । पिता डॉ। संजय दुबे नई दिल्ली में प्रसार भारती में महानिदेशक थे और और माँ एक हाउस वाइफ, हालांकि डॉ।संजय देवरिया के बभनियांव गांव के रहने वाले है लेकिन फिलहाल ओ लखनऊ में रहते है.
31 साल की अपूर्वा दुबे Ms. Apurva Dubey फिलहाल फतेहपुर की डीएम है जो फतेहपुर के इतिहास में सबसे से युवा कलेक्टर है लेकिन इनके आईएएस बनाने की कहानी कुछ कम दिलचस्प नहीं है.
अपूर्वा का जन्म लखनऊ में हुआ इसलिएअपूर्वा की शुरुआती पढ़ाई लखनऊ से ही हुई हालांकि इंटरमीडियट की पढाई उन्होंने नें केंद्रीय विद्यालय नई दिल्ली से पूरी की उसके बाद उन्होंने वेंकटेश्वर कॉलेज (DU) से अंग्रेजी ऑनर्स से स्नातक की पढ़ाई पूरी की साथ ही उन्होंने इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट से मानव संसाधन में पीजीडीएम दिल्ली से किया। यही ओ समय था जब अपूर्वा सिविल सर्विसेज में करियर बनाने का फैसला किया वैसे तो बचपन से ही उनका झुकाव पुलिस की ओर था और वह सिविल सर्विसेज ज्वाइन करना चाहती थी।
उनके माता-पिता की इच्छा नहीं थी, की अपूर्वा आईएएस बने क्योकि ये रास्ता बेहद ही कठिन था लेकिन जब अपूर्वा ने यह ठान लिया की उन्हें तो अब आईएएस ही बनाना है फिर चाहे कितनी ही मुश्किलें आये तो फिर माँ और पिता ने भी हर पल हर क़दाम में उनका साथ दिया साल था 2013 का जब अपूर्वा ने अपने दूसरे प्रयास में यूपीएससी एग्जाम को क्रैक किया और आल इंडिया में 19वीं और महिलाओं में नौवीं रैंक हासिल की है।
अपूर्वा फर्रूखाबाद ,अमेठी की सीडीओ,रह चुकी है फिलहाल ओ फतेहपुर की । जिलाधिकारी है साल 2019 में उन्होंने आईएएस विशाख जी अय्यर के साथ सात फेरे लिए। अपूर्वा की शादी विशाख के पैतृक गांव इडुक्की केरल में हुआ था । विशाख 2011 बैच के आईएएस अधिकारी है।