--> अयोध्या तीन लाख राम भक्तों की भीड़ जुटने का दावा,अयोध्या छावनी में तब्दील | NIO TIMES

Notification

×

Iklan

Iklan

Most Popular

अयोध्या तीन लाख राम भक्तों की भीड़ जुटने का दावा,अयोध्या छावनी में तब्दील

Sunday, November 25, 2018 | Sunday, November 25, 2018 WIB

अयोध्या में रविवार को विश्व हिंदू परिषद की धर्म संसद,
इसके लिए अयोध्या छावनी में तब्दील हो गई है. चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाबलों के तैनाती की गई है. धर्मसभा के आयोजकों की ओर से आज तीन लाख राम भक्तों की भीड़ जुटने का दावा किया जा रहा है,

ड्रोन कैरों से होगी निगरानी ,

  निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे लगाए गए हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस के एक अफसर के मुताबिक, सुरक्षा के लिए एक अपर पुलिस महानिदेशक, एक पुलिस उप-महानिरीक्षक, तीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, 10 अपर पुलिस अधीक्षक, 21 पुलिस उपाधीक्षक, 160 इंस्पेक्टर, 700 कांस्टेबल, 42 कंपनी पीएसी, पांच कंपनी आरएएफ, एटीएस कमांडो और ड्रोन तैनात किए गए हैं.

सरक्षा के कड़े इंतजाम. 

अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय ने  बताया कि पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए हैं. उन्होंने बताया कि धर्मसभा के मद्देनजर 13 जगहों पर पार्किंग की व्यवस्था की गयी है. वहीं शनिवार को शिवसेना का यहां कार्यक्रम हुआ था. शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अयोध्या में सभा को संबोधित करते हुए कहा था है कि वो सोए हुए कुंभकर्ण को जगाने आए हैं. उन्होंने कहा था कि सबको मिलकर राम मंदिर बनाना है...यूपी के फतेहपुर जिले में आई जिले की सांसद व केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने काशी में हो रहे धर्म संसद में संतो द्वारा प्रधानमंत्री द्वारा गंगा के नाम के धोखा दिए जाने वाले बयान का कटाक्ष करते हुए कहा कि स्वामी स्वरूपानंद जी ने कभी रामजन्म भूमि के मामले में कभी भी अयोध्या आकर किसी भी हिन्दू संगठन का साथ नहीं दिया है ,

संत समाज को तोड़ने का षड़यंत्र 

धर्म संसद करनी थी तो अयोध्या में आकर करते , यह काम समाज व संतो को तोड़ने का षड्यंत्र है जिससे संतो व समाजों के बीच मे आपस मे दरार पैदा किया जाए , वहीं उन्होंने उद्धव ठाकरे द्वारा हिन्दू अब ताकतवर वाले दिए गए बयान  का कटाक्ष करते हुए कहा कि उद्धव जी को अपने पिता जी से सीखना चाहिए , वह भारतीय जनता पार्टी के अंग हैं , उन्होंने जिन शब्दों का प्रयोग किया किया कि कुम्भकर्णो को जगाने आया हूँ में , यह एक परिपक व्यक्ति का बयान अच्छा नहीं हो सकता , कुम्भकर्ण को जगाने आये है तो पांच साल से तुम भी सरकार में हो , ढांचा टूटने के समय वह नहीं आये बाद में आकर कह दिया कि हमने तोड़ा है , मैंने तोड़ा है कि भावना को तोड़ना पड़ेगा , उद्धव जी द्वारा इस तरह का बयानबाजी देना उनके मुंह से सोभा नहीं देता , वहीं उन्होंने आजम खान द्वारा दिये गए बयान की अयोध्या में 1992 जैसा हाल न हो यूएनओ इस पर नजर रखे वाले बयान पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 92 में हालात दूसरे थे आज के हालात दूसरे हैं , आजम खान खुद चाहते हैं कि 92 जैसे हालात हो विपक्ष चाहता है कि 92 जैसे हालात हो , 

क्या आजम खांन लोगों को तोड़ना चाहता है 

आजम खान का जब भी बयान आता है तो देश तोड़ने वाला , वहीं उन्होंने अखिलेश यादव द्वारा अयोध्या में मिलेट्री लगाने वाले बयान का कटाक्ष करते हुए कहा कि अखिलेश अपने बाप को याद कर ले जिस तरह से कार्यसेवकों पर गोलियां चलाई थी , मुझे लग रहा है कि जिन लोगों ने जैसा काम किया वही उन्हें याद आ रहा है उस समय यह शायद पढ़ रहे हो में प्रत्यक्षदर्शी थी जो इनके पिता ने गोलियां चलाई थी  ।

×
Latest Updates Update