आज हम आपको उस ठग के बारे में बताने जा रहे है...जिसने भारत सरकार और पूरे सिस्टम को बेवकूफ बनाकर खुद जज बन गया और करीब 2000 हजार कैदियों को जमानत पर रिहा कर दिया...यही नही कोई कैदियों को सजा भी सुना दी.
धनी राम मित्तल, इस शख्स का यही नाम है... शायद आप जानते नहीं होंगे ऐसे और न ही इसका कभी तक आपने नाम सुना होगा. ये कोई सेलिब्रिटी, स्टार किड या बड़ा नामी नेता नहीं है. धनी राम एक ठग है. इनकी कारस्तानी ऐसी है कि आप इस तेज दिमाग वाले फ्रॉड के बारे में जानने के लिए मजबूर हो जाएंगे.
धनी राम को हिंदुस्तान का सबसे शातिर चोर माना जाता है. बेहद शातिर दिमाग वाला ये शख्स धोखाधड़ी से करीब दो महीने तक जज की कुर्सी पर बैठ गया और फैसला भी सुनाता रहा, लेकिन उसकी इस जालसाजी का किसी को पता तक नहीं चला.
तो चलिये धनीराम के जज बनने और इसके कारनामों की पूरी कहानी आपको बताते हैं.....
दुनिया के इतिहास में चोरी की केस में सबसे ज्यादा बार गिरफ्तार होने का यह पहला और इकलौता चोर है ... इसे करीब 1 हजार से ज्यादा बार गिरफ्तार किया गया था और कई बार यह पुलिस को चकमा देकर ये भाग चुका है...धनी राम ने 25 साल की उम्र में ही चोरी और जालसाजी को अपना पेशा बना लिया था.
पहली बार साल 1964 में चोरी के एक मामले में पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया था. अब उसकी उम्र करीब 80 साल हो चुकी है... आखिरी बार ऐसे साल 2016 में चोरी करते पुलिस ने गिरफ्तार किया था, लेकिन धनी राम पुलिस को चकमा देकर भाग फिर भाग गया था...इसके बाद से धनीराम कहा है किसी को नही पता...
इस शातिर चोर ने करीब एक हजार से ज्यादा गाड़ियां चुराई है.... सबसे मजेदार बात ये है कि ये चोर दिन के उजाले में भी चोरी की वारदात को अंजाम देता था...
धनी राम ने एलएलबी की भी पढ़ाई की थी. हैंटराइटिंग एक्सपर्ट और ग्राफोलॉजी की डिग्री भी इसके पास है...ये अपनी इस डिग्रियों का इस्तेमाल चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए करता है.... चोरी की गाड़ियों का फर्जी कागजात तैयार करता था और फिर उसे बेच देता था....
कहते है एक बार धनीराम को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया गया था क्योंकि उस समय जो जज साहब थे वह कई बार अपने चैंबर में इसकी पेशी को देख चुके थे इसलिए उन्होंने इस पर गुस्सा करते हुए खीझ कर कहा कि तुम बार-बार मेरे ही अदालत में आते हो कुछ तो शर्म करो और तुम मेरी अदालत से बाहर जाओ.
जज साहब ने यह बात गुस्से में कही थी लेकिन यह धीरे से अदालत से बाहर आया जब कोर्ट में इसका नाम पुकारा गया तब पता चला की धनीराम भाग गया...जब पुलिस वालों से पूछा गया तो उंन्होने कहा कि धनीराम मित्तल ने कहा था कि जज साहब ने ही तो उसे जाने के लिए कहा है.....
धनीराम मित्तल का सबसे रोचक और सनसनीखेज कारनामा यह है कि इसने एक फर्जी कागज बनाकर हरियाणा के झज्जर कोर्ट के एडिशनल सेशन जज को 2 महीने की छुट्टी पर भेज दिया था और उसके बदले में धनीराम मित्तल खुद जज की कुर्सी पर बैठ गया था.... इन 2 महीने में इसने करीब दो हजार से ज्यादा अपराधियों को जमानत पर रिहा कर दिया और कईयों को जेल भी भेज दिया.
जब बाद में इस मामले का खुलासा हुआ तब पूरे न्याय तंत्र में हड़कंप मच गया था...इस बात की भनक धनीराम को भी लग गई थी इससे पहले उससे गिरफ्तार किया जाता पहले ही भाग गया.....इसके बाद जिन अपराधियों को धनीराम ने रिहा किया था
उन्हें एक एक करके फिर जेल में बंद किया गया....आखरी बार धनीराम 2016 में देखा गया था उसके बाद से किसी को कोई सुराग नही है...पुलिस अभी भी धनीराम की तलाश कर रही है....
